Now Playing
BJP government stopped post matric scholarship of tribal children, Chaitanya Vasava protested #protest
Ashok Pawar MD
(GUJARAT, AHMEDABAD)
BJP government stopped post matric scholarship of tribal children, Chaitanya Vasava protested #protest
MANT-प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान, नि:शुल्क शिक्षा संस्थान ने बढ़ाया हौसला,,
आज जिल्हाधिकारी डॉ विजय राठोड यांनी राजाराम बंधारा या ठिकाणी आपत्कालीन व्यवस्था पन साहीत्य व पुर परीस्थिती पाहणी केली.
बलिया में स्वर्णकार समाज के लोगो को हुई महत्वपूर्ण वैठक,जिलाधिकारी में माध्यम से पत्रक भेजने को लेकर बनाई गई रणनीत
मनियर बस स्टैंड के समीप से अपहरण दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट से सम्बंधित एक वांछित अभियुक्त को मनियर पुलिस ने किया गिरफ्तार
हमारा केंद्र बिंदु बूथ होना चाहिए बूथ जीते तो चुनाव जीता माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के बोल
MANT-पुरुषोत्तम मास में जनसेवा की मिसाल: निःशुल्क धर्मार्थ प्याऊ का शुभारंभ”
दो दिन बाद कुएं में मिली महिला का शब, परिजनों में मातम
आज ऐतिहासिक बिंदू चौकात शिवसेना उबाठा युवा सेना वतीने डिझेल पेट्रोल आणि गॅस दरवाढ बाबत निदर्शने केली.
MANT-गड्ढों में सड़क या सड़क में गड्ढे? सीशागढ़ी-जरारा मार्ग बना मुसीबत”
ता, चामोर्शी येथे नगरपंचायत आढावा बैठक अनेक प्रश्न निकाली नागरिकांची मोठ्या संख्येने उपस्थिती
Comments (1)
Ashok Pawar MD
05 Mar, 2025BJP government stopped post matric scholarship of tribal children, Chaitanya Vasava protested आदिवासी बच्चों को शिक्षा के लिए प्रदान की जाने वाली पोस्ट मैट्रिक शिष्यवृत्ति को भाजपा सरकार ने अचानक बंद कर दिया है, जिससे हर साल 50,000 से अधिक बच्चे इस शिष्यवृत्ति से वंचित हो जाएंगे। इस मनमाने फैसले के खिलाफ गांधीनगर में विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें आदिवासी समुदाय के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। आदिवासी मामलों के वयोवृद्ध नेता चैतन्य वसावा ने बीजेपी के इस फैसले की कड़ी निंदा की और इसे शिक्षा के अधिकार पर हमला बताया। उन्होंने मांग की कि इस लापरवाह फैसले को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई रुकावट न हो। चैतन्य वसावा ने कहा कि यह कदम गरीब आदिवासी बच्चों के भविष्य को अंधेरे में धकेलने जैसा है, और सरकार को यह समझना चाहिए कि शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का है, विशेषकर उन बच्चों का जिन्हें आर्थिक मदद की सख्त आवश्यकता है।