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अमेरिका ने अवैध रूप से रह रहे नेपाली नागरिकों को बिना किसी बेड़ी या हथकड़ी के चार्टर प्लेन से नेपाल भेज दिया#politics
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
अमेरिका ने अवैध रूप से रह रहे नेपाली नागरिकों को बिना किसी बेड़ी या हथकड़ी के चार्टर प्लेन से नेपाल भेज दिया#politics
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तिब्बत में भीषण बाढ़: कैलाश यात्रा का दल फंसा, 77 लोग इमिग्रेशन केंद्र में थे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उनके स्मारक 'सदैव अटल' पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। #AtalBihariVajpayee
लाल किले से झूठ नहीं बोलना चाहिए
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एक्सप्रेसवे पर 80 गड्ढे हो चुके हैं और वह सड़क 4000 करोड़ से ज्यादा की है। मेनस्ट्रीम मीडिया से अच्छा हमारा मेन स्ट्रीट
दिल्ली: NDA के सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ प्लेकार्ड लेकर संसद के मकर द्वार की ओर विरोध मार्च
मोदी जी, मैंने माफ कर दिया बोलने की जगह, स्टूडेंट्स से माफी मांगिए. क्योंकि आपने उनपर पैलेट गन चलवाई, आंसू गैस के गोले दगवाए और लाठी चार्ज करवाया. - कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
नया भारत!! भारत में बनी सेमी कंडक्टर चिप अब जापान अमेरिका और यूरोप भी जाएगी..!!* यही तो है PM मोदी जी का नया भारत।
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Comments (1)
Ashok Pawar MD
08 Mar, 2025Insult to India: Special treatment for foreigners but neglect for our citizens आज खबरों में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें अमेरिका ने अवैध रूप से रह रहे नेपाली नागरिकों को बिना किसी बेड़ी या हथकड़ी के चार्टर प्लेन से नेपाल भेज दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें सम्मानपूर्वक उनके देश वापस भेजा गया। यह वही अमेरिका है जिसने इससे पहले चीन के नागरिकों को भी इसी तरह सम्मानजनक तरीके से चार्टर प्लेन से भेजा था, न कि किसी असुविधाजनक मिलिट्री जहाज़ में बांध कर। साथ ही, कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिका के सेना के विमान को अपने देश में उतरने की अनुमति नहीं दी और अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए खुद का विमान भेजा। इसी तरह वेनेज़ुएला ने भी अपने नागरिकों को लौटाने के लिए उचित कदम उठाया था। लेकिन भारत की स्थिति कुछ अलग है। क्या हमें अपने नागरिकों की इज्जत और सम्मान की इतनी चिंता नहीं है कि हम बोल भी नहीं पा रहे? क्या हमारी सरकार को इस पर कोई असर नहीं पड़ता? या फिर क्या मोदी जी सैर-सपाटे में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा? जो भी हो, यह भारतीय सम्मान का घोर अपमान है। यह देखकर गहरी निराशा होती है कि हमारे नागरिकों को इस तरह की अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ता है, जबकि दूसरे देशों ने अपने नागरिकों के लिए उचित सम्मान का परिचय दिया।