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सुरक्षाबल के जवानों की कड़ी मेहनत और साहसिक अभियानों के परिणामस्वरूप 25 वर्षों बाद बीजापुर-पामेड़ मार्ग नक्सलियों के खौफ से आजाद हो गया है। यह मार्ग पिछले दो दशकों से अधिक समय से नक्सलियों के आतंक के कारण अवरुद्ध था। इस मार्ग के अवरुद्ध रहने के कारण क्षेत्रीय लोग पामेड़ तक#politics
Ramagya Sharma
(CHHATTISGARH, RAIPUR)
सुरक्षाबल के जवानों की कड़ी मेहनत और साहसिक अभियानों के परिणामस्वरूप 25 वर्षों बाद बीजापुर-पामेड़ मार्ग नक्सलियों के खौफ से आजाद हो गया है। यह मार्ग पिछले दो दशकों से अधिक समय से नक्सलियों के आतंक के कारण अवरुद्ध था। इस मार्ग के अवरुद्ध रहने के कारण क्षेत्रीय लोग पामेड़ तक#politics
जिसके बारे में कभी हमने सोचा भी नहीं होगा वो आज BJP ने आज हकीकत में कर दिखाया। राशन दुकान नहीं अब जब समय मिले तब अनाज ATM से...राशन छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ अन्नपूर्ति Grain ATM 24×7 राशन की सुविधा। Chhattisgarh Raipur
*रायपुर: एक यात्री ने चोर को मारी लात, मोबाइल चोरी के आरोपी को ट्रेन से नीचे गिराने का वीडियो वायरल।
सरगुजा संभाग के खाद बीज विक्रेताओं ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर 12 सूत्रीय मांग रखी।
विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र का मामला पकड़ा तुल।
विकासखंड वाड्रफनगर अंतर्गत माध्यमिक शाला बरती खुर्द, में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष पर बच्चों का मनमोहन प्रस्तुति।
बलरामपुर जिले के माध्यमिक शाला बरती खुर्द में बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति।
गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में जिले के विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति,
विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र को लेकर आदिवासी समुदाय उग्र,
विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते की जाति प्रमाण पत्र को लेकर नया मोड़, लिखित आश्वासन के बाद हटा धरना प्रदर्शन।
प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाण पत्र का मामला तूल पकड़ता जा रहा। देखें पूरी खबर,,,,,,
Comments (1)
Ramagya Sharma
21 Mar, 2025After 25 years, Bijapur-Pamed road is free from the fear of Naxalites due to the operations of security forces सुरक्षाबल के जवानों की कड़ी मेहनत और साहसिक अभियानों के परिणामस्वरूप 25 वर्षों बाद बीजापुर-पामेड़ मार्ग नक्सलियों के खौफ से आजाद हो गया है। यह मार्ग पिछले दो दशकों से अधिक समय से नक्सलियों के आतंक के कारण अवरुद्ध था। इस मार्ग के अवरुद्ध रहने के कारण क्षेत्रीय लोग पामेड़ तक पहुंचने के लिए 250 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करते हुए तेलंगाना राज्य से होकर यात्रा करते थे। पहले बीजापुर से तर्रेम और कोंडापल्ली होते हुए पामेड़ जाने वाली सड़क पर नक्सलियों की उपस्थिति ने इलाके में आवागमन को मुश्किल बना दिया था। अब, सुरक्षाबलों की मेहनत और निर्णायक कार्रवाई के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग को नक्सलियों से मुक्त किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए यात्रा करना आसान और सुरक्षित हो गया है। यह घटना सुरक्षाबलों की सफलता और नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।