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पहलगाम आतंकी हमले पर सलीम मर्चेंट का भावुक बयान - "मुस्लिम होने पर मुझे शर्म आती है..."#latest_news
Ashok Pawar MD
(MAHARSHATRA, MUMBAI CITY)
पहलगाम आतंकी हमले पर सलीम मर्चेंट का भावुक बयान - "मुस्लिम होने पर मुझे शर्म आती है..."#latest_news
राहुल वैरागडे के नेतृत्व में जिल्हाधिकारी को सौपा ज्ञापन
आटपाडीच्या कचरा डेपोत पुन्हा एकदा भीषण आग
कोल्हापूर जिल्ह्यातील सर्व विभागांचे जिल्हास्तरीय तालुका स्तरीय अधिकार्यांनी समन्वय अधिकारी म्हणून चोख जबाब दारी बजावली संपूर्ण भव्य उपक्रमाचे संनियंत्रण केले.
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जिद्द धैर्य आणि मेहनतीतून तरुण शेतकऱ्यांची जुगाड यंत्रणा पिकांच्या फवारणीत मंथन मडावी यांचे यश
रूठकर ट्रेन पकड़ने जा रहे प्यार के पैरों में गिरा प्रेमी, दृश्य देखकर मौके पर पहुंची पुलिस
जिल्हा अधिक्षक कृषी अधिकारी गडचिरोली यांचे आवाहन
अल्पवयीन मुलांना अमानुषपणे मारहाण करणाऱ्या व्यक्तीवर कार्यवाही झाली पाहिजे,मोहसीन खान
रेणापूर खरोळा मारहाण प्रकरण,पोलिस निरीक्षकांनी दिली माहिती
राज्यस्त कर्तव्यदक्ष पुरस्काराने प्रमोद गोविंद भगत यांचा सन्मान
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Ashok Pawar MD
24 Apr, 2025Salim Merchant's emotional statement on Pahalgam terrorist attack - "I feel ashamed being a Muslim..." मुंबई: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले की पूरे देश में कड़ी निंदा की जा रही है। इस बीच मशहूर गायक और संगीतकार सलीम मर्चेंट ने एक भावुक वीडियो साझा कर लोगों की संवेदनाओं को गहराई से झकझोर दिया है। अपने वीडियो संदेश में सलीम मर्चेंट ने कहा: "मुझे मुसलमान होते हुए यह शर्म आ रही है कि मुझे यह दिन देखना पड़ रहा है कि मेरे निर्दोष हिंदू भाई-बहनों को इतनी बेरहमी से मार दिया गया, सिर्फ इसलिए कि वो हिंदू हैं।" सलीम ने कहा कि धर्म के नाम पर की गई इस तरह की हिंसा न सिर्फ मानवता के खिलाफ है, बल्कि यह इस्लाम और किसी भी धर्म की असली शिक्षाओं के भी खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, और जो भी ऐसा करता है वो इंसान कहलाने के लायक नहीं है। उन्होंने आगे कहा: "मैं उन परिवारों के साथ खड़ा हूं जिन्होंने अपने अपनों को खोया है। यह हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत पर है। हमें एक होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना होगा।" सलीम मर्चेंट का यह बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, और लोग उनकी ईमानदारी और इंसानियत के प्रति संवेदनशीलता की सराहना कर रहे हैं। देश के कई हिस्सों से आवाज़ें उठ रही हैं कि अब वक्त आ गया है कि धर्म और राजनीति से ऊपर उठकर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कठोर कदम उठाए जाएं।