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रोजगार मेले में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: "निःस्वार्थ सेवा और देशभक्ति ही सार्वजनिक जीवन की असली प्रेरणा है"#police
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
रोजगार मेले में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: "निःस्वार्थ सेवा और देशभक्ति ही सार्वजनिक जीवन की असली प्रेरणा है"#police
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तिब्बत में भीषण बाढ़: कैलाश यात्रा का दल फंसा, 77 लोग इमिग्रेशन केंद्र में थे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उनके स्मारक 'सदैव अटल' पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। #AtalBihariVajpayee
लाल किले से झूठ नहीं बोलना चाहिए
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एक्सप्रेसवे पर 80 गड्ढे हो चुके हैं और वह सड़क 4000 करोड़ से ज्यादा की है। मेनस्ट्रीम मीडिया से अच्छा हमारा मेन स्ट्रीट
दिल्ली: NDA के सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ प्लेकार्ड लेकर संसद के मकर द्वार की ओर विरोध मार्च
मोदी जी, मैंने माफ कर दिया बोलने की जगह, स्टूडेंट्स से माफी मांगिए. क्योंकि आपने उनपर पैलेट गन चलवाई, आंसू गैस के गोले दगवाए और लाठी चार्ज करवाया. - कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
नया भारत!! भारत में बनी सेमी कंडक्टर चिप अब जापान अमेरिका और यूरोप भी जाएगी..!!* यही तो है PM मोदी जी का नया भारत।
पेट्रोल और डीजल वाली कोई भी गाडी मत खरीदो अरविंद केजरीवाल
Comments (1)
Ashok Pawar MD
26 Apr, 2025Prime Minister Modi's message at the job fair: "Selfless service and patriotism are the real inspiration of public life" नई दिल्ली, रोजगार मेले के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवचयनित युवाओं को न केवल रोजगार बल्कि राष्ट्र सेवा का अवसर मिलने की बात कहते हुए उन्हें सार्वजनिक सेवा की भावना अपनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा: "यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि देश की सेवा का माध्यम है। अपने कार्य को कर्तव्य की भावना से करें, तभी सच्चा संतोष मिलेगा।" प्रधानमंत्री मोदी ने नवनियुक्त युवाओं से ये भी आग्रह किया: अपने जीवन में निस्वार्थ सेवा को प्राथमिकता दें। प्रकृति के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में अपनी माताओं के नाम पर एक पेड़ लगाएं, जिससे पर्यावरण और भावनात्मक जुड़ाव दोनों मजबूत हों। अपने स्वास्थ्य और कार्य कुशलता का विशेष ध्यान रखें, ताकि वे एक उत्पादक और संतुलित जीवन जी सकें। उन्होंने युवाओं से यह भी कहा कि वे अपने कार्यस्थल को राष्ट्र निर्माण का केंद्र समझें और हर दिन को एक नए अवसर की तरह लें।