Now Playing
शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश – भारतीय वायुसेना ने उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर एक रणनीतिक अभ्यास के तहत लड़ाकू विमानों की उड़ान और लैंडिंग का प्रदर्शन किया। इस विशेष अभ्यास में वायुसेना के आधुनिक फाइटर जेट्स ने एक्सप्रेसवे को इमरजेंसी रनवे के रूप में प्रयोग किया। #aeroplane
laxmi kant Sharma
(UTTAR PRADESH, SHAHJAHANPUR)
शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश – भारतीय वायुसेना ने उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर एक रणनीतिक अभ्यास के तहत लड़ाकू विमानों की उड़ान और लैंडिंग का प्रदर्शन किया। इस विशेष अभ्यास में वायुसेना के आधुनिक फाइटर जेट्स ने एक्सप्रेसवे को इमरजेंसी रनवे के रूप में प्रयोग किया। #aeroplane
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव महिला जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह ने समर्थकों के साथ किया स्वागत
उद्योग व्यापार मंडल शाहजहांपुर
मथुरा के वृन्दावन में विश्व प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर के बाहर एक महिला श्रद्धालु के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बलिया में सपा के राष्ट्रीय महा सचिव अवलेश सिंह का बड़ा बयान,छात्रों की हुई जीत
बांसडीह कस्बे में सपा कार्यकर्ताओं ने निकाला कैंडिल मार्च,नीट परीक्षा में प्राण गवाने वाले छात्रों को दी श्रधांजलि
मुजफ्फरनगर में कचहरी परिसर में छात्र आंदोलन को मिला विधायक पंकज मलिक का समर्थन आज दिन में पहुंचे थे छात्रों के बीच, अब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद धरना खत्म हुआ
रहस्यमय ढंग से लापता हुए दो छात्र, स्कूल से लौटने के बाद ई-रिक्शा से पलिया पहुंचे थे दोनों बच्चे, परिजन परेशान
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड पर 342 करोड़ .46 करोड़ की लागत का विकास
झूठी गुमशुदगी की सूचना देकर पुलिस को गुमराह करना पड़ा महंगा मानिकपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर एक आरोपी #latest_news
थाना जमुनापार क्षेत्र के पानीघाट खादर इलाके में जलभराव को लेकर दो पक्षों में हुआ खूनी संघर्ष
Comments (1)
laxmi kant Sharma
02 May, 2025यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की तत्परता और गतिशील युद्ध रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में सड़क आधारित रनवे के उपयोग की तैयारी को परखना है। गंगा एक्सप्रेसवे, जो राज्य के पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है, अब रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनता जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस तरह के अभ्यास से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आपदा या युद्ध जैसे हालात में वैकल्पिक लैंडिंग स्पॉट तैयार हों।