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संविधान सदन में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि दी गई#latest_news
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
संविधान सदन में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि दी गई#latest_news
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Ashok Pawar MD
09 May, 2025Tribute paid to Gurudev Rabindranath Tagore at Samvidhan Sadan, remembered on his birth anniversary गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर आज संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। इस अवसर पर उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और योगदान को भावपूर्ण स्मरण किया गया। गुरुदेव का जीवन जितना विविध था, उतना ही प्रेरणादायक भी। वे केवल कवि या लेखक नहीं थे, बल्कि एक उपन्यासकार, नाट्यकार, गीतकार, चित्रकार और शिक्षाविद् के रूप में भी उन्होंने गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक चेतना को विश्वपटल पर स्थापित किया और शिक्षा के क्षेत्र में शांति निकेतन जैसी संस्थाओं के माध्यम से नई सोच को आकार दिया। राजनीतिक, दार्शनिक और सामाजिक विचारों में भी उनकी दृष्टि दूरदर्शी थी। गुरुदेव का जीवन भारत की ऋषि-मनीषी परंपरा का प्रत्यक्ष प्रतीक है, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देता है