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संविधान सदन में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि दी गई#latest_news
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
संविधान सदन में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को उनकी जयंती पर याद कर श्रद्धांजलि दी गई#latest_news
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तिब्बत में भीषण बाढ़: कैलाश यात्रा का दल फंसा, 77 लोग इमिग्रेशन केंद्र में थे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उनके स्मारक 'सदैव अटल' पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। #AtalBihariVajpayee
लाल किले से झूठ नहीं बोलना चाहिए
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एक्सप्रेसवे पर 80 गड्ढे हो चुके हैं और वह सड़क 4000 करोड़ से ज्यादा की है। मेनस्ट्रीम मीडिया से अच्छा हमारा मेन स्ट्रीट
दिल्ली: NDA के सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ प्लेकार्ड लेकर संसद के मकर द्वार की ओर विरोध मार्च
मोदी जी, मैंने माफ कर दिया बोलने की जगह, स्टूडेंट्स से माफी मांगिए. क्योंकि आपने उनपर पैलेट गन चलवाई, आंसू गैस के गोले दगवाए और लाठी चार्ज करवाया. - कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
नया भारत!! भारत में बनी सेमी कंडक्टर चिप अब जापान अमेरिका और यूरोप भी जाएगी..!!* यही तो है PM मोदी जी का नया भारत।
पेट्रोल और डीजल वाली कोई भी गाडी मत खरीदो अरविंद केजरीवाल
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Ashok Pawar MD
09 May, 2025Tribute paid to Gurudev Rabindranath Tagore at Samvidhan Sadan, remembered on his birth anniversary गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर आज संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। इस अवसर पर उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और योगदान को भावपूर्ण स्मरण किया गया। गुरुदेव का जीवन जितना विविध था, उतना ही प्रेरणादायक भी। वे केवल कवि या लेखक नहीं थे, बल्कि एक उपन्यासकार, नाट्यकार, गीतकार, चित्रकार और शिक्षाविद् के रूप में भी उन्होंने गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक चेतना को विश्वपटल पर स्थापित किया और शिक्षा के क्षेत्र में शांति निकेतन जैसी संस्थाओं के माध्यम से नई सोच को आकार दिया। राजनीतिक, दार्शनिक और सामाजिक विचारों में भी उनकी दृष्टि दूरदर्शी थी। गुरुदेव का जीवन भारत की ऋषि-मनीषी परंपरा का प्रत्यक्ष प्रतीक है, जो आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देता है