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बांग्लादेश: डॉ. यूनुस शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, चटगांव बंदरगाह प्रबंधन के फैसले का विरोध#International
Ashok Pawar MD
(INTERNATIONAL, BANGLADESH)
बांग्लादेश: डॉ. यूनुस शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, चटगांव बंदरगाह प्रबंधन के फैसले का विरोध#International
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का भर्तीकर्ता हाफिज़ ज़ुल्फिकार मारा गया
सम्मान और मित्रता का गौरवपूर्ण क्षण। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘Oliy Darajali Do‘stlik’ ऑर्डर से सम्मानित किया। #PMModiInUzbekistan
*नेपाल में आए हुए बाढ़ के बाद एक और प्राकृतिक झील बन गई है* *पता चल रहा है के..* ये झील पानी से भरती जा रही है जिससे इसके टूटने की बहुत ज्यादा संभावना बढ़ गई है। *जिससे एक बार और नेपाल में बाढ़ का संकट बना हुआ है*
नेपाली सेना ने त्रिशूली जलविद्युत सुरंग में फंसे करीब 350 लोगों को जिंदा बचाया और करीब 100 लोग सुरंग के अंदर ही फंसे हुए हैं। जिनके लिए बचाव राहत अभियान जारी है।
नेपाल त्रासदी चीन का खोजी हैलीकॉप्टर उस ग्लेशियर तक पहुंचा
नेपाल मे आई बाड का एक खोपनाक व्हिडिओ
अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। भोटेकोशी नदी का पानी अचानक बढ़ने
बाढ़ का ऐसा खौफनाक मंजर आपने शायद सिर्फ फिल्मों में देखा होगा। अब नेपाल से आया ये ताजा वीडियो देखिए। Nepal Kathmandu
अंतरराष्ट्रीय- पड़ोसी देश नेपाल में भी मानसून से भारी तबाही हुई है। रोल्पा जिले के थबाड़ गाउंपालिका, उवा कोटलबार में हुए भूस्खलन में अब तक 22 लोगों की मौत हो गई है । कई घायल हैं और दर्जनों लापता हैं।
💥 *बड़ी खबर*💥 *स्पेन में 1 मिनट के लिए गायब हुआ सूरज, हैरान रह गई दुनिया।*
Comments (1)
Ashok Pawar MD
20 May, 2025Bangladesh: Protest against Dr. Yunus regime, protest against Chittagong Port management decision ढाका, बांग्लादेश – बांग्लादेश में डॉ. यूनुस शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की लहर तेज़ हो गई है, खासकर चिटगांव पोर्ट के प्रबंधन को एक विदेशी डीपी कंपनी को सौंपने के फैसले के बाद। इस निर्णय के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, और सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने इस फैसले को देश की संप्रभुता पर हमला करार देते हुए इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध व्यक्त किया और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चिटगांव पोर्ट का प्रबंधन एक विदेशी कंपनी को सौंपना बांग्लादेश की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों के खिलाफ है। यह विरोध प्रदर्शन बांग्लादेश के विभिन्न शहरों में फैला हुआ है, और लोगों का गुस्सा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। सरकार के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रिया हो रही है, और विपक्षी दलों ने इसे पूरी तरह से गलत कदम बताते हुए इसकी आलोचना की है। डॉ. यूनुस और उनकी सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है, और विरोधी नेताओं ने इसे एक विदेशी ताकत के प्रभाव में आने की शुरुआत करार दिया है। बांग्लादेश की जनता का कहना है कि देश के महत्वपूर्ण संसाधनों को विदेशी कंपनियों के हाथों में देना बांग्लादेश की आर्थिक और राजनीतिक स्वतंत्रता को खतरे में डाल सकता है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी निगरानी रखना शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।