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धर्मेंद्र प्रधान का बयान: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत NCERT बनी शिक्षा का आधार#politics
Ashok Pawar MD
(DELHI, NEW DELHI)
धर्मेंद्र प्रधान का बयान: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत NCERT बनी शिक्षा का आधार#politics
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तिब्बत में भीषण बाढ़: कैलाश यात्रा का दल फंसा, 77 लोग इमिग्रेशन केंद्र में थे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उनके स्मारक 'सदैव अटल' पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। #AtalBihariVajpayee
लाल किले से झूठ नहीं बोलना चाहिए
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एक्सप्रेसवे पर 80 गड्ढे हो चुके हैं और वह सड़क 4000 करोड़ से ज्यादा की है। मेनस्ट्रीम मीडिया से अच्छा हमारा मेन स्ट्रीट
दिल्ली: NDA के सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ प्लेकार्ड लेकर संसद के मकर द्वार की ओर विरोध मार्च
मोदी जी, मैंने माफ कर दिया बोलने की जगह, स्टूडेंट्स से माफी मांगिए. क्योंकि आपने उनपर पैलेट गन चलवाई, आंसू गैस के गोले दगवाए और लाठी चार्ज करवाया. - कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
नया भारत!! भारत में बनी सेमी कंडक्टर चिप अब जापान अमेरिका और यूरोप भी जाएगी..!!* यही तो है PM मोदी जी का नया भारत।
पेट्रोल और डीजल वाली कोई भी गाडी मत खरीदो अरविंद केजरीवाल
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Ashok Pawar MD
20 May, 2025Dharmendra Pradhan's statement: NCERT became the basis of education under the National Education Policy केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि देश में अब तक 13 नए प्रवेशिका समूहों के साथ कुल 117 द्विभाषी या त्रिभाषी प्राइमर (शिक्षा पुस्तकें) तैयार हो चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर हम पांच और प्रवेशिका पुस्तकें तैयार कर लेते हैं, तो हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत भाषा आधारित शिक्षा के लक्ष्य को सही तरीके से लागू कर पाएंगे। उनका लक्ष्य 122 पुस्तकें तैयार करना है। प्रधान ने यह भी बताया कि आज NCERT (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) हमारे 22 राज्यों में पाठ्यक्रम का हिस्सा बन चुकी है और यह हमारे लिए गीता, बाइबल और कुरान जैसी अत्यंत पवित्र पुस्तक के समान हो चुकी है। उन्होंने कहा, "NCERT अब हमारी ज्ञान प्रवाह की रीढ़ की हड्डी बन चुकी है, और इसके द्वारा तैयार की गई पाठ्यपुस्तकों से हम शिक्षा के क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित कर रहे हैं।" धर्मेंद्र प्रधान ने इस बात पर भी जोर दिया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भारत में शिक्षा को बहुभाषिक और बहुलतावादी तरीके से मजबूत किया जा रहा है, ताकि छात्रों को उनके मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त हो सके।