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असम और मेघालय सरकारें शहरी बाढ़ से निपटने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञों की मदद लेंगी: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा#politics
Ashok Pawar MD
(ASSAM, KAMRUP METROPOLITAN)
असम और मेघालय सरकारें शहरी बाढ़ से निपटने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञों की मदद लेंगी: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा#politics
असम के तिनसुकिया में आर्मी कैंप पर आतंकी हमला, तीन जवान घायल* _असम के तिनसुकिया जिले के काकोपाथर क्षेत्र में आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों के कैंप पर हमला किया। इस हमले में तीन जवान घायल हो गए हैं। सुरक्षा बलों ने पुलिस के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।_#politics
प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी में शताब्दी समारोह में असम की ऐतिहासिक भूमिका और भूपेन हज़ारिका की विरासत पर प्रकाश डाला गुवाहाटी, असम — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी में#politics
হিমন্ত বিশ্বই নলবাৰীত শ্ৰীমহা বিষ্ণু যজ্ঞত অংশগ্ৰহণ কৰি, অসমীয়াক চৰকাৰী ভাষা হিচাপে গঢ়ি তোলাৰ বাবে চৰকাৰৰ দায়বদ্ধতা প্ৰকাশ কৰে#politics
নলবাৰীৰ বাহজানীত সংবাদ মাধ্যমক সম্বোধন কৰি হিমন্ত বিশ্বই অসমবাসীক ৰঙালী বিহুৰ শুভেচ্ছা জ্ঞাপন কৰে #politics
নেশ্যনেল হেৰাল্ড বিষয়ত বিজেপিৰ ষড়যন্ত্ৰৰ বিৰুদ্ধে গুৱাহাটীত অসম পিচিচিৰ ব্যাপক প্ৰতিবাদ#politics
दीपों की रोशनी, मंत्रों की गूंज और आस्था की अनमोल छाया#latest_news
लंदन में भारतीय प्रवासियों को सत्रिया नृत्य से हुआ असम की समृद्ध विरासत से परिचय #International
"Not just retail shops, even the CM offices in Guwahati and Dibrugarh are open 24*7 for our people": CM #politics
Amit Shah's statement on 82% provisions of Bodo Accord being fulfilled #politics
ABSU plays an important role in peace, development and enthusiasm in Assam #politics
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Ashok Pawar MD
03 Jun, 2025Assam and Meghalaya governments will take help of space technology and experts to deal with urban flooding: CM Himanta Biswa Sarma असम और मेघालय में शहरी बाढ़ की बढ़ती समस्या को देखते हुए दोनों राज्य सरकारें अब तकनीक और विशेषज्ञता का सहारा लेंगी। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को जानकारी दी कि इस समस्या के समाधान के लिए असम और मेघालय सरकारें नॉर्थ ईस्ट स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (NESAC) और आईआईटी रूड़की के साथ समन्वय करेंगी। सीएम सरमा ने कहा, "शहरी बाढ़ एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। इसे केवल पारंपरिक तरीकों से नहीं सुलझाया जा सकता। इसलिए हम NESAC और IIT रुड़की की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ लेंगे।" NESAC सैटेलाइट डेटा और जियोटेक्नोलॉजी के ज़रिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की पहचान और विश्लेषण में मदद करेगा, जबकि IIT रुड़की जल प्रवाह प्रबंधन और शहरी नियोजन में सहयोग प्रदान करेगा। सरमा ने यह भी बताया कि राज्य सरकारें एक संयुक्त रणनीति पर काम कर रही हैं ताकि गुवाहाटी, शिलॉंग समेत अन्य शहरी इलाकों में जल जमाव की समस्या को स्थायी रूप से सुलझाया जा सके।