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गुलाब ऑटो गैरेज के सामने हुआ पेट्रोल चोरी सीसी कैमरा में तीन चोर दिखाई दिया
Ramagya Sharma
(MAHARSHATRA, THANE)
गुलाब ऑटो गैरेज के सामने हुआ पेट्रोल चोरी सीसी कैमरा में तीन चोर दिखाई दिया
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मनरेगा योजनेतील विहीरीचे थकित बिल तत्काळ अदा करा खासदार डॉ नामदेव किरसान यांचे संसदेत मत
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Ramagya Sharma
06 Jun, 2025Corruption allegations in PMCH, serious questions on retired officer and DK Tax gang पटना: प्रधानमंत्री चंद्रशेखर आज़ाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोपों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सनसनी मचा दी है। रिटायर्ड अधिकारी एवं पूर्व अस्पताल अधीक्षक आई.एस. ठाकुर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री अमंगल पांडेय के संरक्षण में अधीक्षक पद पर बनाए रखने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। 31 जनवरी 2024 को सेवानिवृत्त होने वाले ठाकुर को 28 जनवरी को नई सरकार बनने के बाद भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं अवधि विस्तार के कागजात पर हस्ताक्षर किए, जबकि उस समय कोई स्वास्थ्य मंत्री नहीं था। बाद में कैबिनेट में इसे मंजूरी दी गई। जनवरी 2025 में फिर से उनका अवधि विस्तार किया गया। PMCH के नवनिर्माण पर करीब 5000 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं और तब तक ठाकुर को अधीक्षक बनाए रखने का तर्क दिया जा रहा है। हालांकि, उनके खिलाफ अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं की कमी, चिकित्सकों की अनुपस्थिति, मरीजों को निजी क्लीनिक और महंगी जांचों के लिए भेजने जैसी गंभीर शिकायतें हैं। आरोप है कि अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता का पूर्ण अभाव है और अधिकांश परिजन भी अस्पताल में काम करते हैं। स्वास्थ्य मंत्री अमंगल पांडेय पर भी गंभीर आरोप लगते हैं कि वे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कम और पश्चिम बंगाल में बीजेपी प्रभारी के रूप में अधिक सक्रिय हैं, जिससे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर DK Tax गैंग के सहयोग से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और रिटायर्ड अधिकारियों को प्रमुख पदों पर बैठाकर राज्य की संपत्ति का दुरुपयोग करने का आरोप है। हाल ही में भवन निर्माण विभाग के एक रिटायर्ड मुख्य अभियंता के घर 11 करोड़ रुपए नगद बरामद होने की खबर भी चर्चा में है, जो बिहार के इतिहास में अभूतपूर्व माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रिटायर्ड अधिकारी और DK Tax गैंग के कारण बिहार की प्रशासनिक और स्वास्थ्य व्यवस्था खोखली हो गई है और इनके हटाए बिना प्रदेश का हित सुनिश्चित नहीं हो सकता।