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मुख्यमंत्री के लेख पर उठे सवाल, विपक्ष ने इसे "खोखला दावा" बताया जयपुर। मुख्यमंत्री द्वारा आज एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित लेख को लेकर राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छिड़ गई। विपक्ष ने इस लेख पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए#politics
Ramagya Sharma
(RAJASTHAN, JAIPUR)
मुख्यमंत्री के लेख पर उठे सवाल, विपक्ष ने इसे "खोखला दावा" बताया जयपुर। मुख्यमंत्री द्वारा आज एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित लेख को लेकर राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छिड़ गई। विपक्ष ने इस लेख पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए#politics
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बैजनाथ (हिमाचल प्रदेश) में हुईं नैतिक शिक्षा बीके भगवानभाई द्वारा विभिन्न स्कूलों में बीके भाई बहनों कार्यक्रम की न्यूज़
राजस्थान के जोधपुर में अपने स्कूल की महिला अध्यापक से छेड़छाड़ करने वाले प्रिंसिपल को महिला अध्यापक के परिवारजनों और लोगों ने स्कूल से बाहर निकाल पीटा और मुंह काला करके सड़क पर घुमाया
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Ramagya Sharma
17 Jul, 2025मुख्यमंत्री के लेख पर उठे सवाल, विपक्ष ने इसे "खोखला दावा" बताया जयपुर। मुख्यमंत्री द्वारा आज एक प्रमुख समाचार पत्र में प्रकाशित लेख को लेकर राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छिड़ गई। विपक्ष ने इस लेख पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए। विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "मुख्यमंत्री का लेख प्रकाशित होना अच्छी बात है, लेकिन इसमें किए गए दावे ज़मीनी हक़ीक़त से कोसों दूर हैं। पिछले डेढ़ साल में सरकार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, वह अभूतपूर्व रूप से निराशाजनक है।" उन्होंने कहा कि सरकार की अक्षमता और नाकामी की चर्चा आज प्रदेश के हर गाँव और गली-मोहल्ले में हो रही है। नेता ने चुटकी लेते हुए कहा, "सरकारें पहले भी बनी हैं - कांग्रेस और भाजपा - लेकिन लोगों का इतनी जल्दी मोहभंग कभी नहीं हुआ। आमतौर पर लोग तीन साल बाद सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हैं, लेकिन इस सरकार के ख़िलाफ़ छह महीने में ही असंतोष शुरू हो गया।" उन्होंने आगे कहा कि जिस दिन मुख्यमंत्री ने लेख लिखा, उसी दिन उसी अखबार में सरकार की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक नाकामियों पर खबरें छपीं, जिसने उनके दावों की धज्जियाँ उड़ा दीं। नेता ने सीएमओ और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) पर सवाल उठाते हुए कहा, "कम से कम इतना तो प्रबंधन होना चाहिए था कि जिस दिन मुख्यमंत्री का लेख छपे, उसी दिन उनके खिलाफ खबरें न छपें।" उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया लगातार राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार, खराब कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की खबरें दे रहा है, जो सरकार के दावों को खोखला साबित करता है।