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राहुल गांधी ने पूर्व उपराष्ट्रपति पर लगाया चुप रहने का आरोप #politics
Ramagya Sharma
(DELHI, WEST DELHI)
राहुल गांधी ने पूर्व उपराष्ट्रपति पर लगाया चुप रहने का आरोप #politics
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तिब्बत में भीषण बाढ़: कैलाश यात्रा का दल फंसा, 77 लोग इमिग्रेशन केंद्र में थे
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उनके स्मारक 'सदैव अटल' पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। #AtalBihariVajpayee
लाल किले से झूठ नहीं बोलना चाहिए
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एक्सप्रेसवे पर 80 गड्ढे हो चुके हैं और वह सड़क 4000 करोड़ से ज्यादा की है। मेनस्ट्रीम मीडिया से अच्छा हमारा मेन स्ट्रीट
दिल्ली: NDA के सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ प्लेकार्ड लेकर संसद के मकर द्वार की ओर विरोध मार्च
मोदी जी, मैंने माफ कर दिया बोलने की जगह, स्टूडेंट्स से माफी मांगिए. क्योंकि आपने उनपर पैलेट गन चलवाई, आंसू गैस के गोले दगवाए और लाठी चार्ज करवाया. - कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
नया भारत!! भारत में बनी सेमी कंडक्टर चिप अब जापान अमेरिका और यूरोप भी जाएगी..!!* यही तो है PM मोदी जी का नया भारत।
पेट्रोल और डीजल वाली कोई भी गाडी मत खरीदो अरविंद केजरीवाल
Comments (1)
Ramagya Sharma
21 Aug, 2025राहुल गांधी ने पूर्व उपराष्ट्रपति पर लगाया चुप रहने का आरोप नई दिल्ली — कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला है और सवाल किया है कि भारत के एक पूर्व उपराष्ट्रपति को कथित तौर पर "छिपाया" क्यों जा रहा है और वह "सार्वजनिक रूप से एक भी शब्द नहीं बोल पा रहे हैं।" देश के राजनीतिक माहौल की तीखी आलोचना करते हुए, गांधी ने बिना किसी व्यक्ति का नाम लिए एक व्यंग्यात्मक सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "भारत के एक पूर्व उपराष्ट्रपति को क्यों छिपाया जा रहा है? यह नौबत क्यों आ गई है कि वह सामने आकर एक भी शब्द नहीं बोल पा रहे हैं?" गांधी की इस टिप्पणी को व्यापक रूप से एम. वेंकैया नायडू के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिन्होंने अगस्त 2022 में अपने कार्यकाल के समाप्त होने के बाद से सार्वजनिक रूप से कम ही सुर्खियाँ बटोरी हैं। हालाँकि नायडू कभी-कभार सार्वजनिक रूप से दिखाई देते रहे हैं, लेकिन वे ज़्यादातर राजनीतिक सुर्खियों से दूर रहे हैं। इस बयान पर सत्तारूढ़ दल की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएँ आई हैं, और कुछ नेताओं ने इसे राजनीतिक विवाद पैदा करने का एक निराधार प्रयास बताया है। यह घटना देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और असहमति को लेकर बढ़ती राजनीतिक बयानबाजी को उजागर करती है।