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▶️......छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला के* *‘रहस्यमयी’ निरई दरबार* में* जब* ‘*प्रोटोकॉल*’ ने टेका* मत्था*, *कलेक्टर ने आम* *श्रद्धालु की तरह कतार में* लगकर किए दर्शन…**
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
▶️......छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला के* *‘रहस्यमयी’ निरई दरबार* में* जब* ‘*प्रोटोकॉल*’ ने टेका* मत्था*, *कलेक्टर ने आम* *श्रद्धालु की तरह कतार में* लगकर किए दर्शन…**
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 03/09/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
मुजफ्फरनगर के जैन कन्या पाठशाला पीजी कॉलेज, मुजफ्फरनगर में आ को नव-प्रवेशित छात्राओं के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया
जन्माष्टमी पर मंदिरों में हुई सजावट शाहजहांपुर
जनपद मथुरा में SP ट्रैफिक कार्यालय में तैनात दरोगा ने स्वम गोली मारकर की आत्महत्या
करणी सेवा ने रोड से पैदल यात्रा कर कलेक्टर ऑफिस पर से और दिया मजिस्ट्रेट को ज्ञापन शाहजहांपुर
करंट लगे से खेत पर पिता और बेटी की हुई मृत्यु मदनापुर शाहजहांपुर
करणी सेना ने कलेक्टर ऑफिस में दिया ज्ञापन
कैसरबाग से बाराबंकी चलने वाली UPSRTC की बसों में रात में शराब पीने का वीडियो वायरल है एक जागरूक नागरिक ने कुछ लोगों द्वारा ऐसा किए जाने का वीडियो जारी करने के साथ-साथ उसे दिन का टिकट भी डाला है परिवहन निगम सहित परिवहन मंत्री @dayashankar4bjp को घटना का संज्ञान लेना चाहिए
55 लाख के 217 गुम मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए अमेठी पुलिस
थाना बुढ़ाना में फास्ट फूड दुकानदार ने पुलिसकर्मी पर लगाए गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री और SSP से की शिकायत
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Indra Kumar Singh
23 Mar, 2026▶️......छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला के* रहस्यमयी’ निरई दरबार* में* जब* ‘*प्रोटोकॉल*’ ने टेका* मत्था*, *कलेक्टर ने आम* *श्रद्धालु की तरह कतार में* लगकर किए दर्शन… साल के 364 दिन सूना रहने वाला वनांचल का वह कोना आज भक्ति के उफान से सराबोर था. धमतरी के सुप्रसिद्ध निरई माता मंदिर के कपाट जैसे ही खुले, श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा. लेकिन इस साल की सबसे बड़ी सुर्खी माता की महिमा के साथ-साथ जिले के मुखिया यानी कलेक्टर की वह ‘सादगी’ रही, जिसने सत्ता की चमक को भक्ति के आगे बौना साबित कर दिया. अमूमन लाल बत्ती और सुरक्षा घेरे में रहने वाले प्रशासनिक गलियारों की रवायत यहाँ बदल गई. धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने किसी विशेष सुविधा या ‘VIP’ दर्शन के मोह को त्याग कर, घंटों तक आम श्रद्धालुओं के साथ लंबी कतार में पसीना बहाया. चिलचिलाती धूप और पथरीले रास्तों पर आम आदमी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी बारी का इंतजार करना, क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. यह नजारा उस वक्त दिखा जब हजारों की भीड़ माता के दर्शन को बेताब थी. कलेक्टर के साथ कुरुद एसडीएम नभसिंह कोशले भी इस दिव्य दर्शन के साक्षी बने. पहाड़ों की गोद में ‘अघोषित’ परंपराएं और रहस्य निरई माता का दरबार अपनी उन कठोर और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है, जो आज के आधुनिक युग में भी अचंभित करती हैं. वर्जित है महिलाओं का प्रवेश: यहाँ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मंदिर परिसर में महिलाओं का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है. श्रृंगार नहीं, श्रद्धा सर्वोपरि: माता के इस दरबार में सिंदूर, सुहाग सामग्री या वस्त्र नहीं चढ़ाए जाते. यहाँ केवल नारियल और अगरबत्ती की खुशबू ही फिजाओं में तैरती है. एक दिन का राज: साल में केवल चैत्र नवरात्रि के एक विशेष दिन ही यहाँ माता के दर्शन सुलभ होते हैं, जिसके लिए लोग साल भर पलकें बिछाए इंतजार करते हैं. सुरक्षा के चक्रव्यूह के बीच आस्था की जीत श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए थे. खुद कलेक्टर की मौजूदगी ने न केवल व्यवस्थाओं की हकीकत जांची, बल्कि आम जनता को यह संदेश भी दिया कि नियम और कतारें सबके लिए बराबर हैं.