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▶️......छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला के* *‘रहस्यमयी’ निरई दरबार* में* जब* ‘*प्रोटोकॉल*’ ने टेका* मत्था*, *कलेक्टर ने आम* *श्रद्धालु की तरह कतार में* लगकर किए दर्शन…**
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
▶️......छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला के* *‘रहस्यमयी’ निरई दरबार* में* जब* ‘*प्रोटोकॉल*’ ने टेका* मत्था*, *कलेक्टर ने आम* *श्रद्धालु की तरह कतार में* लगकर किए दर्शन…**
हिंदू संगठन से जुड़े अभिषेक ने कल धरने पर अपने बयान के दौरान कहां की आने वाले टाइम में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल का हलाला हमें ही करेंगे।
गायघाट निवासी कामजी गोड़ की मौत के मामले में ग्राम प्रधान के भाई ने निष्पक्ष जांच कराने का किया मांग
बिजनौर में मोहित पेपर मिल के सामने जेसीबी की टक्कर से बाइक सवार महिला पुरुष की मौत
विपिन कुमार अपने परिवार के साथ पटियाली से आ रहे थे सोनेक मोड पर चार अज्ञात व्यक्तियों ने उनके साथ गाली गलौज व मारपीट की₹2200 छीन लेने का आरोप शाहजहांपुर। कांट थाना क्षेत्र के ग्राम बरेड़ा निवासी विपिन कुमार ने मिर्जापुर थाना पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे जब वह अपने परिवार के साथ ईको कार (UP 25 DH 3953) से पीड़ित का आरोप है कि आरोपी शराब के नशे में थे। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और उनकी जेब से ₹2200 छीन लिए। शिकायत में दो मोटरसाइकिलों के नंबर UP 24 BA 1603 और UP 87 W 9841 भी दर्ज कराए गए हैं। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
*दुर्घटना में मौत....* वाराणसी। चोलापुर क्षेत्र के दानगंज बाजार में गुरुवार की सुबह ट्रक की चपेट
जगन्नाथ रथ यात्रा बड़े ही धूमधाम से वृंदावन में निकाली गई
अदभूत वीडीओ दो बार तो देखोगे ही।
मीरापुर: सम्भलहेड़ा में तालाब में संदिग्ध हालत में मिली महिला: पुलिस ने बचाई जान, जिला अस्पताल रेफर... मुजफ्फरनगर के मीरापुर थाना क्षेत्र के गांव संभलहेड़ा में गुरुवार को एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में तालाब में मिली, राहगीरों की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची
*अरविन्द केजरीवाल की उलटबांसी !!* सोनम वांगचुक के समर्थन में जंतर मंतर पहुंचे अरविन्द केजरीवाल !! कहा -धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफ़ा देना चाहिए और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए !!
उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच मौलाना जर्जिस अंसारी के एक विवादित बयान ने हंगामा मचा दिया है. मौलाना ने बयान दिया है कि भगवान श्री कृष्ण धर्म से मुस्लिम थे. इतना ही नहीं, मौलाना ने यह भी कहा कि श्री कृष्ण दिन में पांच बार नमाज पढ़ा करते थे. बयान सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने मौलाना जर्जिस अंसारी पर गहरी नाराजगी जाहिर की है. हिंदू संगठनों ने मांग उठाई है कि मौलाना को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसके ऊपर सख्त कार्रवाई हो.
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Indra Kumar Singh
23 Mar, 2026▶️......छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला के* रहस्यमयी’ निरई दरबार* में* जब* ‘*प्रोटोकॉल*’ ने टेका* मत्था*, *कलेक्टर ने आम* *श्रद्धालु की तरह कतार में* लगकर किए दर्शन… साल के 364 दिन सूना रहने वाला वनांचल का वह कोना आज भक्ति के उफान से सराबोर था. धमतरी के सुप्रसिद्ध निरई माता मंदिर के कपाट जैसे ही खुले, श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा. लेकिन इस साल की सबसे बड़ी सुर्खी माता की महिमा के साथ-साथ जिले के मुखिया यानी कलेक्टर की वह ‘सादगी’ रही, जिसने सत्ता की चमक को भक्ति के आगे बौना साबित कर दिया. अमूमन लाल बत्ती और सुरक्षा घेरे में रहने वाले प्रशासनिक गलियारों की रवायत यहाँ बदल गई. धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने किसी विशेष सुविधा या ‘VIP’ दर्शन के मोह को त्याग कर, घंटों तक आम श्रद्धालुओं के साथ लंबी कतार में पसीना बहाया. चिलचिलाती धूप और पथरीले रास्तों पर आम आदमी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी बारी का इंतजार करना, क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. यह नजारा उस वक्त दिखा जब हजारों की भीड़ माता के दर्शन को बेताब थी. कलेक्टर के साथ कुरुद एसडीएम नभसिंह कोशले भी इस दिव्य दर्शन के साक्षी बने. पहाड़ों की गोद में ‘अघोषित’ परंपराएं और रहस्य निरई माता का दरबार अपनी उन कठोर और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है, जो आज के आधुनिक युग में भी अचंभित करती हैं. वर्जित है महिलाओं का प्रवेश: यहाँ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मंदिर परिसर में महिलाओं का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है. श्रृंगार नहीं, श्रद्धा सर्वोपरि: माता के इस दरबार में सिंदूर, सुहाग सामग्री या वस्त्र नहीं चढ़ाए जाते. यहाँ केवल नारियल और अगरबत्ती की खुशबू ही फिजाओं में तैरती है. एक दिन का राज: साल में केवल चैत्र नवरात्रि के एक विशेष दिन ही यहाँ माता के दर्शन सुलभ होते हैं, जिसके लिए लोग साल भर पलकें बिछाए इंतजार करते हैं. सुरक्षा के चक्रव्यूह के बीच आस्था की जीत श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए थे. खुद कलेक्टर की मौजूदगी ने न केवल व्यवस्थाओं की हकीकत जांची, बल्कि आम जनता को यह संदेश भी दिया कि नियम और कतारें सबके लिए बराबर हैं.