Now Playing
➡️.....आज लेबनान में जो हुआ, उसे सिर्फ एक हमला समझना बहुत बड़ी भूल होगी। 262+ मौतें, 1100 से ज्यादा घायल और कई लोग अब भी मलबे में दबे हैं
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
➡️.....आज लेबनान में जो हुआ, उसे सिर्फ एक हमला समझना बहुत बड़ी भूल होगी। 262+ मौतें, 1100 से ज्यादा घायल और कई लोग अब भी मलबे में दबे हैं
प्रतापगढ़: तेज रफ्तार डंपर का कहर, 3 लोगों की मौत! बाघराय थाना क्षेत्र के छेवंगा नहर के पास भीषण हादसा। डंपर की चपेट में आए चार लोग, एक महिला समेत तीन की मौत। हादसे में एक बच्चा गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती।
अंबेडकरनगर PET परीक्षा को लेकर DM ईशा प्रिया की सक्रियता 9,816 अभ्यर्थियों के लिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश 23 केंद्रों पर तीन दिन में होगी परीक्षा, निष्पक्षता और अभ्यर्थियों की सुविधाओं पर जिलाधिकारी का विशेष जोर सुनिए क्या कहती है जिलाधिकारी ईशा प्रिया
जनपद बाराबंकी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दृष्टिगत थाना रामनगर क्षेत्रान्तर्गत घाघरा घाट का निरीक्षण, सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के संबंध में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्रीमती रवीना त्यागी की बाइट-
हीरागंज बाजार में उत्सव क्लॉथ स्टोर रेडीमेड सेंटर में भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका हीरागंज बाजार, प्रतापगढ़।#l
मतदाता सूची की जांच के दौरान बवाल अधिवक्ता और प्रधान प्रशासक के परिजन भिड़े मारपीट का वीडियो वायरल#latest_news
नावट न.1 में रजिस्ट्री की जमीन पर बनी झोपड़ी को उजाड़ने को लेकर पीड़ित परिवार ने CM से लगाई न्याय की गुहार
सोनई में शराब का ठेका हटाने की मांग तेज, आठ बार के विधायक पंडित श्यामसुंदर शर्मा के यहां पहुंचीं ग्रामीण व महिलाएं
सिद्धार्थनगर: बढ़नी में डीजे के तेज शोर के बीच दो दिन की नवजात बच्ची की मौत, परिजनों ने जांच की मांग की
सिद्धार्थनगर: बढ़नी में डीजे के तेज शोर के बीच दो दिन की नवजात बच्ची की मौत, परिजनों ने जांच की मांग की
सिद्धार्थनगर: बढ़नी में डीजे के तेज शोर के बीच दो दिन की नवजात बच्ची की मौत, परिजनों ने जांच की मांग की
Comments (1)
Indra Kumar Singh
09 Apr, 2026➡️.....आज लेबनान में जो हुआ, उसे सिर्फ एक हमला समझना बहुत बड़ी भूल होगी। 262+ मौतें, 1100 से ज्यादा घायल और कई लोग अब भी मलबे में दबे हैं ये सिर्फ एक स्ट्राइक नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है। ये अटैक इजराइल द्वारा बिना किसी वार्निंग के किया गया। 14 दिन का सीजफायर… क्या ये सच में शांति के लिए था या तैयारी के लिए? अगर आप मेरी नजरिए से देखें तो सीजफायर सिर्फ रुकना नहीं होता, बल्कि अगली चाल बिछाने का समय होता है। अगर आज ईरान इज़रियल पर पलट वॉर करता तो पूरी दुनिया के सामने एक नैरेटिव तैयार किया जाएगा कि कौन शांति चाहता है और कौन युद्ध को आगे बढ़ा रहा है। यही असली खेल है पहले कहानी बनाई जाती है, फिर दुनिया को वही दिखाई जाती है। आज लेबनान… कल कोई और हो सकता है। वॉर में गोलियों से ज्यादा खतरनाक होता है “नैरेटिव”। जिसे आप 14 दिन का सीजफायर समझ रहे है इस बीच में बहुत कुछ होने वाला है ..