Now Playing
1
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
1
थाना मनकापुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम समसापुर में पूर्व में स्थापित दुर्गा प्रतिमा को लेकर दो पट्टीदारों के मध्य विवाद चल रह
वृंदावन में झूलते बिजली के तार की चपेट में आया मासूम, हालत नाजुक
मथुरा के मांट,भीम अंडरपास के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से, पलवल के 60 वर्षीय, वृद्ध की मौत,,
-अपराधों पर अंकुश को सुरीर में पुलिस ने चलाया चेकिंग, अभियान,,
जनपद मुजफ्फरनगर के खादर क्षेत्र में चौहापुर गौशाला में 6 गोवंश मृत मिलने का मामला गरमाया! गौरव चौधरी ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
उत्तराखंड: पंजाबी गायक दलेर मेहंदी पर भड़के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, बोले- “बोल पा नहीं रहे, गाना क्या गाओगे
धर्म, संस्कृति और आस्था का संगम – बहिंगवा जोगीपुर में रामलीला का शुभारंभ अम्बेडकर नगर | आलापुर विधानसभा
अम्बेडकरनगर में मां दुर्गा के दिव्य दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, चारों ओर भक्तिमय माहौल
कमिश्नर ने पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, में मिशन शक्ति अभियान का शुभारंभ एवं सेवा संकल्प समारोह का पुरस्कार वितरण के साथ
कस्बा बहसूमा में 52 वी भव्य मां दुर्गा शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्ग से होती हुई
Comments (1)
Indra Kumar Singh
02 May, 2026➡️.....मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे का मिसिंग लिंक टनल प्रोजेक्ट गिनीज विश्व रिकॉर्ड में दर्ज, भारत की सबसे आधुनिक और सुरक्षित सड़क परियोजनाओं में शामिल* मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक टनल प्रोजेक्ट को गिनीज विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। *इस पूरे मार्ग में कई सुरंगें और पुल शामिल हैं। एक बड़ी सुरंग लगभग 8.87 किलोमीटर लंबी है और दूसरी लगभग 1.68 किलोमीटर की है। बीच-बीच में सुरक्षा के लिए हर कुछ सौ मीटर पर आपातकालीन रास्ते बनाए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में सुरक्षित निकास संभव हो सके।* इस नए मार्ग से पुराना घाट वाला रास्ता लगभग 19 किलोमीटर का था, जबकि नया मार्ग बनने के बाद दूरी में लगभग 6 किलोमीटर की कमी आ गई है, जिससे यात्रा और तेज तथा सुविधाजनक हो गई है। *इस परियोजना का मार्ग खोपोली निकास से लेकर लोनावला क्षेत्र तक फैला हुआ है और इसमें खालापुर–खोपोली खंड का आठ लेन तक विस्तार भी शामिल है। इसकी कुल लागत लगभग 6695 करोड़ रुपए से अधिक है। टाइगर घाटी क्षेत्र में देश का सबसे ऊंचा केबल आधारित पुल भी बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई लगभग 182 मीटर है।* यह परियोजना भारत के सबसे आधुनिक और सुरक्षित सड़क विकास कार्यों में से एक मानी जा रही है। इस प्रोजेक्ट में वाहनों को अधिकतम लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित तरीके से चलाने की सुविधा दी गई है, जिससे यात्रा अधिक सुगम और आरामदायक हो जाती है। इस परियोजना से यात्रा का समय लगभग 30 मिनट तक कम हो जाएगा और रोजाना लगभग 9 करोड़ रुपए कीमत के ईंधन की बचत होने का अनुमान है। *इसमें आधुनिक वायु गुणवत्ता नियंत्रण और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था भी लगाई गई है, जिसमें मदद बुलाने की व्यवस्था और सार्वजनिक घोषणा प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल हैं*