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Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
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मुजफ्फरनगर l पुरकाजी थाना क्षेत्र में बेखौफ होकर झबरपुर के जंगल में अवैध खनन का खेल, डंपरों की आवाजाही से मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश का चित्रकूट मंदाकिनी नदी की बाढ़ की चपेट में, मकान एवं दुकाने हुई जलमग्न
उत्तर प्रदेश का जिला चित्रकूट इस वक्त मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से डूबा पड़ा है। नदी किनारे कई सौ मकान–दुकान डूब गए हैं। सड़कें नदी जैसी बन गई हैं। इस Video में एक मंजिला मकानों/दुकानों की सिर्फ छत दिखाई दे रही है।
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 01/09/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
बलिया में पूर्वांचल भागीदारी संकल्प मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर सौपा पत्रक
एत्मादपुर यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में बवाल युवकों पर लाठी चार्ज का आरोप एत्मादपुर तहसील में मंगलवार को पुलिस का रवैय
पुलिस पर फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई, घायल आरोपी अस्पताल में भर्ती; हथियार व बाइक बरामद।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व से पहले एडीजी जॉन आगरा ने कृष्ण जन्म स्थान का किया निरीक्षण
शाहजहांपुर उद्योग व्यापार मंडल 33 व उद्योग व्यापार मंडल कुंभ का आयोजन लखनऊ की राजधानी में तीन सितंबर को मनाया जाएगा
MANT-जन्माष्टमी से पहले मथुरा में हाई अलर्ट! श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचे ADG, देखी सुरक्षा की, हर परत,,
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Indra Kumar Singh
02 May, 2026➡️.....मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे का मिसिंग लिंक टनल प्रोजेक्ट गिनीज विश्व रिकॉर्ड में दर्ज, भारत की सबसे आधुनिक और सुरक्षित सड़क परियोजनाओं में शामिल* मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक टनल प्रोजेक्ट को गिनीज विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। *इस पूरे मार्ग में कई सुरंगें और पुल शामिल हैं। एक बड़ी सुरंग लगभग 8.87 किलोमीटर लंबी है और दूसरी लगभग 1.68 किलोमीटर की है। बीच-बीच में सुरक्षा के लिए हर कुछ सौ मीटर पर आपातकालीन रास्ते बनाए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में सुरक्षित निकास संभव हो सके।* इस नए मार्ग से पुराना घाट वाला रास्ता लगभग 19 किलोमीटर का था, जबकि नया मार्ग बनने के बाद दूरी में लगभग 6 किलोमीटर की कमी आ गई है, जिससे यात्रा और तेज तथा सुविधाजनक हो गई है। *इस परियोजना का मार्ग खोपोली निकास से लेकर लोनावला क्षेत्र तक फैला हुआ है और इसमें खालापुर–खोपोली खंड का आठ लेन तक विस्तार भी शामिल है। इसकी कुल लागत लगभग 6695 करोड़ रुपए से अधिक है। टाइगर घाटी क्षेत्र में देश का सबसे ऊंचा केबल आधारित पुल भी बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई लगभग 182 मीटर है।* यह परियोजना भारत के सबसे आधुनिक और सुरक्षित सड़क विकास कार्यों में से एक मानी जा रही है। इस प्रोजेक्ट में वाहनों को अधिकतम लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित तरीके से चलाने की सुविधा दी गई है, जिससे यात्रा अधिक सुगम और आरामदायक हो जाती है। इस परियोजना से यात्रा का समय लगभग 30 मिनट तक कम हो जाएगा और रोजाना लगभग 9 करोड़ रुपए कीमत के ईंधन की बचत होने का अनुमान है। *इसमें आधुनिक वायु गुणवत्ता नियंत्रण और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था भी लगाई गई है, जिसमें मदद बुलाने की व्यवस्था और सार्वजनिक घोषणा प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल हैं*