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Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
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ऑल इंडिया स्मॉल एण्ड मीडियम जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन गिरिडीह द्वारा प्रदेश अध्यक्ष का सम्मान समारोह व पत्रकार सम्मेलन
श्वान दस्ता टीम ने आ0 पुलिस के सहयोग से भैरोगंज बाजार से एक म0 समेत दो कारोबारी को3.600 ग्राम गांजा के साथ किया गिरफ्तार
बगहा में एक साथ तीन घरों में भीषण चोरी,40 लाख के आभूषण व 40 हजार नगद चोरी।
संग्रामगढ़ पुलिस का एक्शन 1 किलो 117 ग्राम गांजे के साथ तस्कर दबोचा#latest_news
ट्रैफिक पुलिस का जबरदस्त अभियान शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई लाखों का राजस्व वसूला गया कई वाहनों का चालान
विदेशी शराब बड़ी खेप के साथ कारोबारी पिता पुत्र गिरफ्तार
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 17/05/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
लोकेश मिश्रा और योगेश मिश्रा ने मलमास के पावनपर्व पर किया भव्यभंडारे का आयोजन बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किये
एम्स जाने वालों के लिए राहत भरी खबर, शंकरपुर आरओबी जनता को समर्पित
कलयुगी पुत्र ने पिता के साथ की मारपीट पीएचसी सिरदला में भर्ती
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Indra Kumar Singh
02 May, 2026➡️.....मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे का मिसिंग लिंक टनल प्रोजेक्ट गिनीज विश्व रिकॉर्ड में दर्ज, भारत की सबसे आधुनिक और सुरक्षित सड़क परियोजनाओं में शामिल* मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक टनल प्रोजेक्ट को गिनीज विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। *इस पूरे मार्ग में कई सुरंगें और पुल शामिल हैं। एक बड़ी सुरंग लगभग 8.87 किलोमीटर लंबी है और दूसरी लगभग 1.68 किलोमीटर की है। बीच-बीच में सुरक्षा के लिए हर कुछ सौ मीटर पर आपातकालीन रास्ते बनाए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में सुरक्षित निकास संभव हो सके।* इस नए मार्ग से पुराना घाट वाला रास्ता लगभग 19 किलोमीटर का था, जबकि नया मार्ग बनने के बाद दूरी में लगभग 6 किलोमीटर की कमी आ गई है, जिससे यात्रा और तेज तथा सुविधाजनक हो गई है। *इस परियोजना का मार्ग खोपोली निकास से लेकर लोनावला क्षेत्र तक फैला हुआ है और इसमें खालापुर–खोपोली खंड का आठ लेन तक विस्तार भी शामिल है। इसकी कुल लागत लगभग 6695 करोड़ रुपए से अधिक है। टाइगर घाटी क्षेत्र में देश का सबसे ऊंचा केबल आधारित पुल भी बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई लगभग 182 मीटर है।* यह परियोजना भारत के सबसे आधुनिक और सुरक्षित सड़क विकास कार्यों में से एक मानी जा रही है। इस प्रोजेक्ट में वाहनों को अधिकतम लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित तरीके से चलाने की सुविधा दी गई है, जिससे यात्रा अधिक सुगम और आरामदायक हो जाती है। इस परियोजना से यात्रा का समय लगभग 30 मिनट तक कम हो जाएगा और रोजाना लगभग 9 करोड़ रुपए कीमत के ईंधन की बचत होने का अनुमान है। *इसमें आधुनिक वायु गुणवत्ता नियंत्रण और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था भी लगाई गई है, जिसमें मदद बुलाने की व्यवस्था और सार्वजनिक घोषणा प्रणाली जैसी सुविधाएं शामिल हैं*