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▶️.....आज मदीना की उस वादी में एक बार फिर जाने का मौक़ा मिला जहाँ परिंदे भी मोहब्बत का इज़हार करते नज़र आते हैं।*
Indra Kumar Singh
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
▶️.....आज मदीना की उस वादी में एक बार फिर जाने का मौक़ा मिला जहाँ परिंदे भी मोहब्बत का इज़हार करते नज़र आते हैं।*
उत्तराखंड: पंजाबी गायक दलेर मेहंदी पर भड़के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, बोले- “बोल पा नहीं रहे, गाना क्या गाओगे
धर्म, संस्कृति और आस्था का संगम – बहिंगवा जोगीपुर में रामलीला का शुभारंभ अम्बेडकर नगर | आलापुर विधानसभा
अम्बेडकरनगर में मां दुर्गा के दिव्य दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, चारों ओर भक्तिमय माहौल
कमिश्नर ने पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, में मिशन शक्ति अभियान का शुभारंभ एवं सेवा संकल्प समारोह का पुरस्कार वितरण के साथ
कस्बा बहसूमा में 52 वी भव्य मां दुर्गा शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्ग से होती हुई
अंबेडकर नगर शारदीय नवरात्रि के दृष्टिगत जिलाधिकारी ईशा प्रिया एवं पुलिस अधीक्षक अम्बेडकरनगर प्राची सिंह द्वारा थाना अकबरपुर क्षेत्रान्तर्गत फव्वारा तिराहे से पहितीपुर रोड तक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं शांति-व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
आज माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा कन्या पूजन किया गया
🆕️ गोरखपुर ब्रेकिंग.... अष्टमी/रामनवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कन्याओं को अपने हाथों से भोजन परोसा... दक्षिणा व उपहार देकर कन्याओं से लिया आशीर्वाद...
प्रतापगढ़ में दो वर्षीय बेटे की हत्या और पत्नी की आत्महत्या के मामले में पति गिरफ्तार जांच में सामने आया विवाद#latest_ne
माट में नवदुर्गा समापन पर निकली मां काली की भव्य शोभायात्रा, तलवारबाजी और चौक देखकर दर्शक हुए रोमांचित
Comments (1)
Indra Kumar Singh
21 Jun, 2026▶️.....आज मदीना की उस वादी में एक बार फिर जाने का मौक़ा मिला जहाँ परिंदे भी मोहब्बत का इज़हार करते नज़र आते हैं।* मोहब्बत अल्लाह की ऐसी नेमत है जिसे परिंदे, जानवर और इंसान सब समझते हैं। मगर अजीब बात यह है कि परिंदे मोहब्बत में वफ़ा निभाते हैं, जबकि इंसान कभी-कभी मोहब्बत को भी अपने फ़ायदे का ज़रिया बना लेता है। परिंदे मोहब्बत करते हैं, मगर बदले की उम्मीद नहीं रखते। साथ निभाते हैं, मगर एहसान नहीं जताते। उनके पास अक़्ल नहीं, फिर भी मोहब्बत में सच्चाई है; और इंसान के पास अक़्ल है, मगर कभी-कभी मोहब्बत में ख़ुलूस कम पड़ जाता है। कभी-कभी लगता है कि इंसान को मोहब्बत का सबक़ बड़ी-बड़ी किताबों से पहले अल्लाह की इन छोटी-सी मख़लूक़ात से सीखना चाहिए। क्योंकि जहाँ स्वार्थ ख़त्म होता है, वहीं से सच्ची मोहब्बत शुरू होती है। *-मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा*