मोहर्रम को लेकर भदरी महल में राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोग हाउस अरेस्ट शेखपुर आशिक स्थित हनुमान मंदिर को लेकर वर्षों पुराने विवाद के मद्देनजर प्रशासन की कार्रवाई भदरी महल पर नोटिस चस्पा, भारी पुलिस बल तैनात कुंडा-प्रतापगढ़। मोहर्रम के त्योहार पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने गुरुवार को जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कुंडा विधायक कुंवर रघुराज प्रताप सिंह "राजा भैया" के पिता राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर दिया। गुरुवार सुबह प्रभारी निरीक्षक मनोज पांडेय पुलिस बल के साथ भदरी महल पहुंचे तथा मुख्य द्वार पर हाउस अरेस्ट का नोटिस चस्पा किया। महल के बाहर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए की गई है। प्रयागराज-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित शेखपुर आशिक गांव के हनुमान मंदिर को लेकर पिछले कई वर्षों से मोहर्रम के दौरान विवाद की स्थिति बनती रही है। उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार वर्ष 2005 में मोहर्रम के दसवें दिन मंदिर के पास एक बंदर की दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने वहां हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया। बाद में मंदिर का स्वरूप विकसित हुआ और राजा उदय प्रताप सिंह की ओर से वहां मोहर्रम के दिन हनुमान चालीसा पाठ एवं भंडारे का आयोजन होने लगा। वर्ष 2014 में भंडारा आयोजित हुआ, लेकिन 2015 में जब मोहर्रम के ताजिए उसी मार्ग से निकलने थे। तब भंडारे और धार्मिक आयोजन का मुस्लिम समुदाय ने विरोध किया। विरोध इतना बढ़ा कि क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई, जिसके कारण ताजिया उठाने में भी विलंब हुआ। वर्ष 2016 में प्रशासन ने भंडारे की अनुमति नहीं दी। मामला न्यायालय तक पहुंचा, लेकिन तब से हर वर्ष मोहर्रम के अवसर पर एहतियात के तौर पर राजा उदय प्रताप सिंह को हाउस अरेस्ट किया जाता रहा है। इस वर्ष जिन 13 लोगों को हाउस अरेस्ट किया गया है। उनमें राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह, जितेंद्र यादव (नौबस्ता), आनंद पाल (बढ़ईपुर), रमाकांत (शेखपुर आशिक), भवानी विश्वकर्मा (बड़ूपुर), रवि सिंह, अधिवक्ता हनुमान प्रसाद पांडेय, अधिवक्ता केसरी नंदन पांडेय, जमुना प्रसाद मौर्य, निर्भय सिंह, गया प्रसाद प्रजापति, जुगनू विश्वकर्