भीषण गर्मी में बिजली व्यवस्था बेदम, अधिकारी मालामाल और उपभोक्ता बेहाल! आखिर अमरपुर में कब सुधरेगी व्यवस्था? भीषण गर्मी और उमस से त्रस्त लोगों के लिए बिजली संकट किसी अभिशाप से कम साबित नहीं हो रहा है। एक ओर तापमान लोगों का जीना मुहाल किए हुए है, तो दूसरी ओर लगातार बाधित बिजली आपूर्ति ने आम उपभोक्ताओं की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमरपुर में बिजली आपूर्ति के कार्यों में संवेदकों और विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत से घटिया गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि इसी वजह से ट्रांसफॉर्मर, तार और अन्य उपकरण बार-बार खराब हो रहे हैं, जिससे बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यदि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग के अधिकारी वातानुकूलित कार्यालयों में बैठकर व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा करते हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। घंटों बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज, छोटे व्यापारियों का कारोबार और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सूत्र बताते हैं कि विभागीय कार्यों में गुणवत्ता से समझौता कर सरकारी राशि के दुरुपयोग की भी आशंका जताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष रजौन में बिजली विभाग के एक अधिकारी पर कथित अवैध वसूली के मामले में निगरानी विभाग ने शिकंजा कसा था। अब क्षेत्र में चर्चा है कि यदि अमरपुर बिजली विभाग के कार्यों और अधिकारियों की भी इसी प्रकार निष्पक्ष जांच हो, तो कई गंभीर अनियमितताओं का पर्दाफाश हो सकता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आम जनता कब तक इस भीषण गर्मी में बिजली संकट झेलती रहेगी? क्या विभागीय अधिकारी व्यवस्था सुधारने के बजाय केवल कागजी दावे करते रहेंगे, या फिर शासन-प्रशासन इन शिकायतों का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगा? अमरपुर की जनता अब जवाब और राहत—दोनों की प्रतीक्षा कर रही है।