"सेना प्रमुख के रूप में अपना कार्यकाल पूर्ण करते हुए मैं विनम्रता, कृतज्ञता, गर्व और संतोष की भावना से भरा हुआ हूँ,"-जनरल उपेंद्र द्विवेदी। "सैनिक स्कूल से इस सर्वोच्च पद तक का सफर अविस्मरणीय रहा है। चार दशकों से अधिक समय तक भारतीय सेना की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है," उन्होंने कहा। आज उनके सेवानिवृत्त होने के अवसर पर राष्ट्र उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, निस्वार्थ सेवा और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण को नमन करता है।