पीलीभीत। पूरनपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सिमरिया (अजीतपुर बिल्हा) के कई गरीब परिवारों ने जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस के सर्वे में अनियमितता और रिश्वतखोरी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पात्र होने के बावजूद उनके नाम आवास सूची से काट दिए गए, जबकि पक्के मकान वालों को सूची में शामिल कर लिया गया। आरोप है कि ग्राम प्रधान का कार्य उनके पुत्र देखते हैं और उन्होंने सर्वे के दौरान दो से पांच हजार रुपये लेकर अपात्र लोगों के नाम सूची में दर्ज कराए। रिश्वत न देने वाले गरीब परिवारों को योजना से वंचित कर दिया गया। एक दिव्यांग ग्रामीण ने आवास दिलाने के नाम पर पांच हजार रुपये लेने और बाद में रुपये वापस मांगने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं में कांति देवी, मैकू, ऊषा रानी, रामकली, नीरज देवी, लज्जावती, कर्मवती, ममता देवी, रीता देवी सहित कई ग्रामीण शामिल हैं। सभी ने जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई, पात्र गरीबों को आवास का लाभ दिलाने और दिव्यांग ग्रामीण से कथित रूप से लिए गए रुपये वापस कराने की मांग की है।