पुलिस द्वारा एक पत्रकार को बिना नोटिस और कथित तौर पर गुंडों जैसी शैली में हिरासत में लेने के विरोध में जिले के पत्रकार एकजुट हो गए। पत्रकारों ने सूचना विभाग से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालते हुए जोरदार नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच तथा संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।