पीलीभीत। भीम आर्मी भारत एकता मिशन, पीलीभीत के जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय ने शनिवार आरोप लगाया है कि ग्राम पुरैना में प्रस्तावित पुल निर्माण सहित क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के समक्ष उठाने के लिए जाने से पहले ही पुलिस और प्रशासन ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से उठाना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन जनहित के मुद्दे रखने से पहले ही किसी सामाजिक कार्यकर्ता को नजरबंद करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़ा करता है। सौरभ भारतीय ने उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि क्षेत्र में पुल निर्माण, जर्जर सड़कें, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याएं वर्षों से लंबित हैं। उनका दावा है कि इन मुद्दों पर ध्यान न दिए जाने के कारण वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बरेली और पीलीभीत की करीब एक दर्जन ग्राम पंचायतों ने चुनाव का बहिष्कार भी किया था।उन्होंने कहा कि भीम आर्मी भारत एकता मिशन संविधान और कानून में विश्वास रखते हुए जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय