Now Playing
*यह वीडियो कहाँ का है हमें नही मालूम, लेकिन इस वीडियो ने दिल को झकझोर कर रख दिया है*
(UTTAR PRADESH, BARABANKI)
*यह वीडियो कहाँ का है हमें नही मालूम, लेकिन इस वीडियो ने दिल को झकझोर कर रख दिया है*
जन्माष्टमी से पहले खुली नगर निगम की पोल, नाले में गिरा नदी
बलिया में सपा के जिलाउपाध्यक्ष व नगर अध्यक्ष रोहित सिंह ने कहा,विधायक केतकी सिंह को मांगनी चाहिए माफी
कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा में सुरक्षा चाक-चौबंद, SSP ने बताई पुलिस की तैयारियां
ब्रेकिंग@ बिजनौर - धामपुर - धामपुर मे छत से बिजली के तार पर अचानक गिरा पेड़। निचे सड़क पर चल रहा बुजुर्ग व्यक्ति आया बिजली के तार की चपेट मे। घटना का लाइव वीडियो आया सामने। स्थानीय दुकानदारो ने समझदारी से बचाई बुजुर्ग की जान। थाना धामपुर के खारी कुआं इलाके का पूरा मामला।
भोपा के सीताबपुरी में दो गुटों में विवाद, फायरिंग की सूचना; 4 हिरासत में मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र के सीताबपुरी गांव में दो गुटों के बीच विवाद और तमंचे से फायरिंग की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में लिया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई जारी है। एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक ने मामले की जानकारी दी।
नगर निगम का गरजेगा बुलडोजर सोमवार को नोटिस देने के बाद भी नहीं मिला जवाब
आज की सभी बड़ी खबरें 30/08/2026 || dinbhar ki badi khabren || pratapgarh news @reporterJitendra
महेशगंज पुलिस की सक्रियता से चोरी की वारदात नाकाम पुलिस की गश्त देख सामान छोड़कर भागे चोर#latest_news
अंकित बालियान हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा दिया गया चार दिन का समय आज समाप्त हो रहा है। लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। इधर, राकेश टिकैत ने ऐलान किया है कि अगर 2 तारीख तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो इसके बाद वह मोर्चा संभालेंगे। हत्याकांड को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सीलन खाकर भर भरा कर गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबी गरीब की पूरी गृहस्थी#latest_news
Comments (1)
Indra Kumar Singh
04 Aug, 2026*यह वीडियो कहाँ का है हमें नही मालूम, लेकिन इस वीडियो ने दिल को झकझोर कर रख दिया है* *दावों का शोर इतना बुलंद है कि ज़मीन की चीखें दब जाती हैं* ऐसा कहा जाता है कि 2014 से 2026 के बीच देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए। नीति आयोग की फ़ाइलों में विकास के रंगीन नक्शे खींच दिए गए.. पर क्या कभी हुक्मरानों ने इन जैसे मासूमों की आंखों में झांकने की हिम्मत की है? इस वीडियो को ध्यान से देखिए। यह सिर्फ एक बच्चा और उसकी बेसुध मां नहीं हैं, यह इस देश की आत्मा का वो ज़ख्म है जो रोज़ आंकड़ों के झूठे प्लास्टर से ढका जाता है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में खिलौने और किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में यह मासूम अपनी मां का पेट भरने के लिए संघर्ष कर रहा है। वह खुद भूखा है, लेकिन अपनी मां के मुंह में निवाला डाल रहा है। क्या यह बच्चा उन 25 करोड़ लोगों में शामिल नहीं है जिन्हें आपने गरीबी से बाहर निकाला है? भाषणबाजी और आंकड़ों की बाज़ीगरी से गरीबी को मिटाया नहीं जा सकता। जब तक देश का एक भी मासूम इस तरह भूख और लाचारी से लड़ेगा,