*बलरामपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी* *सिन्डीकेट बनाकर चोरी-नकबजनी करने वाले गिरोह के सरगना को कोतवाली देहात पुलिस ने किया गिरफ्तार* *एसपी के विशेष अभियान में लगी सफलता, कई थानों में दर्ज हैं दर्जनों मुकदमे* *बलरामपुर।* जिले में सक्रिय होकर संगठित तरीके से चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के सिन्डीकेट लीडर को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत थाना कोतवाली देहात पुलिस ने यह बड़ी सफलता हासिल की है। *इस तरह बना था सिन्डीकेट* प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश कुमार तिवारी की तहरीर पर 08 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली देहात में मुकदमा संख्या 328/2026 धारा 111(2)(ख)/111(4) बीएनएस पंजीकृत की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि विकास पाण्डेय पुत्र ओमप्रकाश पाण्डेय निवासी ग्राम भीखपुर, थाना कोतवाली देहात ने एक आपराधिक सिन्डीकेट गठित कर रखा था। इसका मुख्य काम चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम देकर आर्थिक और भौतिक लाभ कमाना था। इस गिरोह में मनीष कुमार मिश्रा पुत्र भगौती प्रसाद निवासी ग्राम रमवापुर डकही, थाना इकौना, जनपद श्रावस्ती भी शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों के खिलाफ जनपद बलरामपुर और आसपास के जिलों के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी सहित कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। *ऐसे दबोचा गया शातिर* एएसपी विशाल पाण्डेय और सीओ सिटी अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार गिरोह के सदस्यों पर नजर रखे हुए थी। 09 अगस्त 2026 की रात उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रसाद अपनी टीम कांस्टेबल प्रवेन्द्र कुमार और राज चौधरी के साथ रात्रि गश्त और संदिग्धों की चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि सिन्डीकेट लीडर विकास पाण्डेय पुलिस की तलाश की भनक लगने के बाद ऐलहवा मोड़ के पास छिपकर किसी साधन का इंतजार कर रहा है।सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और शातिर अभियुक्त विकास पाण्डेय को धर दबोचा। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। *पुलिस का बयान* पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं। जल्द ही गिरफ्तार किया जायेगा