सकलडीहा। क्षेत्र के किसानों ने बंधी डिवीजन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि लेहरा-मनिहरा ड्रेन की सफाई के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला किया गया है, जिससे पानी का प्रवाह रुक गया है। इसके परिणामस्वरूप, दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा धान की फसल जलमग्न होकर नष्ट हो रही है। किसानों ने विभाग पर कुंभकर्णी नींद में होने का आरोप लगाते हुए तत्काल जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की है। हालांकि, अभी तक न तो तहसील प्रशासन और न ही बंधी डिवीजन के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। भारतीय किसान यूनियन के मंडल प्रवक्ता मनिदेव चतुर्वेदी ने बताया कि 28 किलोमीटर लंबी लेहरा-मनिहरा ड्रेन कई गांवों से होकर गुजरती है। इसी वित्तीय वर्ष में इसकी सफाई पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। किसानों का आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल घास हटाई गई और सिल्ट नहीं निकाली गई, जिससे ड्रेन की जल निकासी क्षमता प्रभावित हुई। चतुर्वेदी के अनुसार, मात्र दो दिन की बारिश में लेहरा, मनिहरा, उकनी पाल राय, अम्बापर, नईकोट दौलपुर, खडेहरा रिष्टि, जलालपुर, दिनदासपुर और डेढ़गवा सहित कई गांवों में करीब 1000 बीघा धान की फसल पूरी तरह डूब गई है। धान के ऊपर डेढ़ फुट पानी बह रहा है, जिससे फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। किसान नेताओं ने सिल्ट सफाई की जांच कर दोषी बंधी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस संबंध में एक्सईएन सुरेश आजाद ने बताया कि मामले की जांच के लिए जेई को मौके पर भेजा गया है। प्रदर्शन में श्रवण मौर्या, नितेश मोर्या, गंगा राम मौर्या, रामपूजन मौर्या, रामअवतार यादव, अवधेश यादव, रामकृत यादव, बिजेंद्र यादव, अशोक यादव, सुभाष यादव, छोतू राम, मुलायम यादव, रामदुलारे यादव, त्रिभुवन मोर्या, राकेश मौर्या, धर्मराज, नूरे यादव, रामलाल, दया यादव, नामवर यादव, कन्हैया पासवान, बल्लू पासवान, सुरेंद्र यादव, बीरेंद्र यादव, अंबिका, दुर्गा और रविन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।