*अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से प्रभावित गन्ना फसल के बचाव को जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार की गन्ना किसान भाइयों से अपील।* जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि विगत दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण जनपद में कई स्थानों पर गन्ने की फसल प्रभावित हुई है तथा गन्ना गिरने एवं झुकने की स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने सभी गन्ना किसान भाइयों से अपील की है कि अपनी उपज को सुरक्षित रखने के लिए गिरे एवं झुके हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर बांधने का कार्य करें। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि प्रभावित गन्ना किसानों की सहायता के लिए गन्ना विकास विभाग एवं चीनी मिलों द्वारा कुल 248 टीमों का गठन किया गया है। इनमें बलरामपुर चीनी मिल की 125 टीमें, तुलसीपुर चीनी मिल की 78 टीमें तथा उतरौला चीनी मिल की 45 टीमें शामिल हैं। ये टीमें क्षेत्र में भ्रमण कर प्रभावित गन्ना किसानों को आवश्यक सहयोग एवं तकनीकी जानकारी प्रदान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि गिरे हुए गन्ने को समय से उठाकर बांधने से किसान अपनी उपज को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। यदि गिरे हुए गन्ने को समय से नहीं उठाया एवं बांधा गया तो उपज में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इसके साथ ही आगामी बुवाई के लिए प्रयोग किए जाने वाले गन्ना बीज की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ने को उठाने एवं बांधने के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। प्रथम चरण में ऐसे खेतों में कार्य किया जाएगा, जहां गन्ने की फसल पूर्ण रूप से गिर गई है। द्वितीय चरण में झुके हुए गन्ने को उठाकर बांधा जाएगा। तृतीय चरण में खेतों में जमा पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन खेतों में अतिवृष्टि के कारण पानी भरा हुआ है, वहां यथाशीघ्र जल निकासी का प्रयास करें, क्योंकि लंबे समय तक खेत में पानी भरा रहने से गन्ने की फसल एवं जड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिला गन्ना अधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि गन्ने को उठाते एवं बांधते समय अत्यधिक जोर न लगाएं, जिससे गन्ने की जड़ें उखड़ने न पाएं। जड़ उखड़ने की स्थिति में पौधे के सूखने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए गन्ने को सावधानीपूर्वक उठाकर सहारा देते हुए बांधा जाए।