पश्चिमी चंपारण। जिले में बाढ़ आपदा के बीच जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। शनिवार को जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम ने समाहरणालय सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिले में चल रहे राहत-बचाव कार्यों और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी दी। डीएम तरनजोत सिंह ने बताया कि जिले में बाढ़ से कुल 1,92,713 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है। 30 सितंबर तक 62 और 2 अक्टूबर तक 37 सामुदायिक रसोई संचालित की गईं। इन रसोइयों के माध्यम से 26 सितंबर से अब तक 1,68,530 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 31,769 सूखा राशन पैकेट और 19,310 प्लास्टिक शीट वितरित की गई हैं। प्रशासन की विभिन्न टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय हैं और स्थानीय जरूरत के अनुसार राहत सामग्री एवं जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। बाढ़ प्रभावित पशुपालकों को भी प्रशासन की ओर से सहायता दी जा रही है। जिले में अब तक 89 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया है, जबकि 18 पशु राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। पशुओं के उपचार और चिकित्सा सुविधा के लिए पशु चिकित्सा दल भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कार्यरत हैं। डीएम ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। जरूरत के अनुसार संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासनिक टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं और स्थानीय जरूरत के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। वरीय पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था तथा राहत-बचाव कार्यों में पुलिस बल की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन अमरेंद्र कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी रोचना माद्री और जिला आपदा प्रबंधन शाखा की प्रभारी पदाधिकारी नगमा तबस्सुम मौजूद रहीं।