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पर हमले का सिलसिला – मोदी सरकार की नीतियों के कारण सूचना का अधिकार अब सूचना ना देने का अधिकार बन सकता है। RTI (सूचना का अधिकार) अब पहले की तरह प्रभावी नहीं रहा, और इसके खिलाफ हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अगर मोदी सरकार की नीतियां इसी तरह जारी रहीं#politics
Ramagya Sharma
(DELHI, NEW DELHI)
पर हमले का सिलसिला – मोदी सरकार की नीतियों के कारण सूचना का अधिकार अब सूचना ना देने का अधिकार बन सकता है। RTI (सूचना का अधिकार) अब पहले की तरह प्रभावी नहीं रहा, और इसके खिलाफ हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अगर मोदी सरकार की नीतियां इसी तरह जारी रहीं#politics
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Comments (1)
Ramagya Sharma
06 Mar, 2025Right to information? Right not to provide information? RTI पर हमले का सिलसिला – मोदी सरकार की नीतियों के कारण सूचना का अधिकार अब सूचना ना देने का अधिकार बन सकता है। RTI (सूचना का अधिकार) अब पहले की तरह प्रभावी नहीं रहा, और इसके खिलाफ हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अगर मोदी सरकार की नीतियां इसी तरह जारी रहीं, तो संभव है कि अब आपको सरकार से मांगी गई जानकारी भी न मिले। RTI पर हमला कैसे हो रहा है? डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act), 2023 के तहत RTI की धारा 8(1)(j) में संशोधन किया गया है, जिससे RTI निरर्थक और निष्प्रभावी हो गया है। यह संशोधन अब सरकार के पक्ष में काम करेगा और नागरिकों की जानकारी का अधिकार छीनने में मदद करेगा। मोदी सरकार ने RTI को कमजोर करने के लिए क्या किया है? सरकार ने RTI Act की धारा 8(1)(j) में संशोधन किया है, जो व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित है। अब इस संशोधन के अनुसार, RTI के तहत किसी भी व्यक्तिगत जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। यह कदम गोपनीयता की आड़ में जानकारी देने से इनकार करने के सिवा और कुछ नहीं है। इस बदलाव से RTI की ताकत कमजोर हो गई है और नागरिकों को उनकी बुनियादी जानकारी हासिल करने में मुश्किलें आ सकती हैं। – सुप्रिया श्रीनेत