महाष्टमी पर खुले मां दुर्गा के दरबार, डलिया चढ़ाने को उमड़ी हजारों महिला श्रद्धालुओं की भीड़ मोदी हाट दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न पूजा पंडालों में उमड़ा आस्था का सैलाब, पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच भक्तिमय हुआ रजौन का माहौल संवाद सूत्र गोपाल जी कश्यप रजौन (बांका) शारदीय नवरात्र की महाष्टमी पर रविवार को रजौन प्रखंड के विभिन्न दुर्गा मंदिरों और पूजा पंडालों में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। रजौन बाजार स्थित प्रसिद्ध मोदी हाट दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न पूजा स्थलों पर मां दुर्गा का दरबार श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए खुलते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। विशेष रूप से महिलाओं में मां दुर्गा को पारंपरिक रूप से डलिया चढ़ाने को लेकर भारी उत्साह देखा गया। सुबह से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिन चढ़ने के साथ और तेज होता गया। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में जय माता दी के जयकारे गूंजते रहे। महाष्टमी के पावन अवसर पर प्रथम पहर में मां दुर्गा के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक विधि-विधान के बीच मां की आराधना के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हुआ। मोदी हाट दुर्गा मंदिर में हजारों की संख्या में पहुंचीं महिला श्रद्धालुओं ने दलिया चढ़ाकर मां का आशीर्वाद मांगा। किसी ने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की तो किसी ने संतान की खुशहाली, आरोग्य और मनोकामना पूर्ति के लिए माता के चरणों में शीश नवाया। डलिया चढ़ाने की परंपरा में दिखी अटूट आस्था रजौन क्षेत्र में महाष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा को डलिया चढ़ाने की परंपरा धार्मिक आस्था और लोक-संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा के निर्वहन के लिए महिलाएं पूजा सामग्री लेकर मंदिरों और पंडालों में पहुंचीं। श्रद्धालुओं की लंबी कतारों के बीच पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। पुनसिया बाजार स्थित काली दुर्गा मंदिर के साथ खरवा, मिर्जापुर, राजावरमोर, सिंहनान सहित अन्य पूजा स्थलों पर भी हजारों महिला श्रद्धालुओं ने दलिया चढ़ाकर मां की आराधना की। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पूजा करने पहुंचे। इससे पूरा इलाका भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।